जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय सहित इससे सम्बद्धता प्राप्त महाविद्यालयों (ऑटोनॉमस को छोड़कर) के विद्यार्थी नो क्लास... नो फीस की आवाज बुलंद कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जब विवि में नियमित कक्षाएँ ही नहीं लगीं तब किस तरह विवि प्रशासन हजारों की फीस विद्यार्थियों से वसूल रहा है।
विवि में छात्र संघ प्रभारी सोमदत्त यादव के अनुसार विभिन्न विषयों की सेमेस्टर कक्षाओं की फीस 5 हजार से शुरू होकर 10 हजार तक प्रति सेमेस्टर निर्धारित है। फार्मेसी के रेग्युलर विद्यार्थी को सालाना 45 हजार फीस जमा करनी पड़ती है। विवि व अन्य महाविद्यालयो में नियमित कक्षाएँ न लगने की सूरत में बतौर रेग्युलर छात्र वसूली जाने वाली फीस से विद्यार्थियों को राहत देनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि विवि ने ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया था, जिसमें 45-45 मिनट के सिर्फ एक या दो पीरियड ही रोजाना लगाए जाते थे। चूँकि विवि में अध्ययनरत ज्यादातर विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों के हैं जहाँ नेटवर्क सबसे बड़ी समस्या होती है। ऐसे विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं का फायदा उठा ही नहीं पाए। साथ ही लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों पर रोजगार का भी संकट आन खड़ा हुआ, ऐसे में वे विवि की फीस जमा करने में खुद को असमर्थ बता रहे हैं।
जो फीस ली जा रही है वो शासन के निर्देश पर ली जा रही है। गत पाँच सालों से फीस शुल्क में वृद्धि नहीं की गई है। जिन विद्यार्थियों या अभिभावकों को शिकायत है वे आकर मुझसे चर्चा करें।
-प्रो. कपिलदेव मिश्र, कुलपति रादुविवि
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