इंदौर। मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने नई शिक्षा नीति को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक किसी विषय विशेष के विशेषज्ञ हुआ करते थे। वह उसी विषय को पढ़ाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। सभी शिक्षकों को सभी विषय पढ़ाने होंगे। कॉलेज में कोई भी प्रोफेसर किसी विषय को पढ़ाने से मना नहीं कर सकता। राज्यपाल आनंदीबेन, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थी।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में बहुत कुछ नया है। लंबे समय से चली आ रही परंपरा बदलने वाली है। पहले से यह चला आ रहा है कि यदि स्कूल काॅलेज में केमिस्ट्री का टीचर है, ताे वह अभी केमिस्ट्री ही पढ़ाता है, फिजिक्स पढ़ाने को कहो तो वह मना कर देगा। नई शिक्षा नीति में अब ऐसा नहीं है। आपको सब कुछ सीखना और पढ़ाना होगा।
शिक्षकों को भी माॅड्यूल कि हिसाब से तैयारी करनी होगी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नई शिक्षा नीति को लेकर कहा कि अब 70 फीसदी सिलेबस केंद्र से आएगा। वहीं, 30% पाठ्यक्रम यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार तैयार करेगी। अब हमें तय करना है कि सिलेबस वही रखना है कि कुछ इसमें नया करना है। इसके लिए हमें स्टडी करना होगा। इसमें सबसे अच्छी बात यह है, शिक्षकों को भी माॅड्यूल कि हिसाब से तैयारी करनी होगी। युवाओं के लिए शिक्षा नीति में प्रावधान हैं।
देश को आत्मनिर्भर बनाने में नई शिक्षा नीति की अहम भूमिका
राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई शिक्षा नीति की अहम भूमिका रहेगी। इसके माध्यम से युवाओं को समय और जरूरत के मान से रोजगारोन्मुखी शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा का जीतना तेजी से विस्तार होगा, आत्मनिर्भरता भी उतनी ही तेजी से बढ़ेगी। देश किस तरह से आत्मनिर्भर बने, इसके लिए शोध किए जाने की जरूरत है।
राज्यपाल आनंदीबेन ने अपने कॉलेज में पढ़ाई की कहानी सुनाई
मैंने 1966 में बीएड किया था। तब हमारे एक अध्यापक अपनी नोट लेकर आते थे। 15 से 20 साल से वे टीचर वही नोट्स लेकर आया करते थे। वे पीले पड़ चुके थे। मैं और मेरी बहन तो उनका कुछ लिखते ही नहीं थे। क्योंकि हमें पता था कि इनके पास कुछ नया मिलेगा नहीं। हमारे पास इनसे ज्यादा है। उन्होंने पूछा की आप क्यों नहीं लिखते हो। इस पर मैंने कहा कि मेरी सिस्टर लिखती है। हम दोनों साथ में रहते हैं, उसी से पढ़ लेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि बहन के नोट्स गुम हो गए, तो इस पर मैंने कहा कि सर आपकी 15-20 साल की नोट गुम नहीं हुई, ताे हमारी एक साल की कैसे गुम हो जाएगी। उन्होंने कहा यदि आप वही-वही पढ़ाते रहेंगे, तो छात्र नया कैसे सीख पाएगा।
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