पूरे देश में पेट्रोल के दाम बढ़ते ही चले जा रहे हैं। सरकारें मुनाफाखोरी करते हुए प्रतीत हो रही है। जनता द्वारा चुने गए मंत्री जनता को राहत देने के लिए तैयार नहीं है। इस सबके बीच भारत के 5 राज्यों की सरकारों ने पेट्रोल डीजल पर टैक्स कम कर दिया है। जिसके कारण पेट्रोल के दाम कम से कम ₹5 प्रति लीटर कम हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में किसी भी प्रकार की सेवा और उत्पाद पर अधिकतम GST 28% है परंतु सरकारी कंपनी के पेट्रोल पर मुनाफा देने के बाद सरकारी टैक्स 50% से अधिक है।
इन राज्यों ने कम किया पेट्रोल-डीजल पर टैक्स
पश्चिम बंगाल, राजस्थान, असम और मेघालय में पेट्रोल-डीजल के रेट कम हुए हैं। सबसे पहले राजस्थान ने 29 जनवरी को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT 38% से घटाकर 36% तक कर दिया था। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT में एक रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का ऐलान किया है। बता दें कि यहां अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। 12 फरवरी को असम की राज्य सरकार ने भी पिछले साल कोरोना संकट के दौरान लगाए जाने वाले 5 रुपये एडिश्नल टैक्स को हटा लिया। असम में भी चुनाव होने वाले हैं। वहीं, अगर पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की बात की जाय तो यहां राज्य सरकार ने ग्राहकों को सबसे बड़ी देते हुए पेट्रोल पर 7.40 और डीजल पर 7.10 रुपये घटाने का फैसला किया है। इसमें पहले 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई, इसके बाद पेट्रोल पर वैट भी 31.62% से घटाकर 20% और डीजल पर 22.95% से घटाकर 12% कर दिया गया है।
बढ़ती कीमतों पर क्या कहना है केन्द्र सरकार का?
केंद्र सरकार ने एक्साइड ड्यूटी में किसी भी तरह की कटौती करने से मना कर दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने ईंधन की कीमतें बढ़ने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को बताया है। रविवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने ईंधन की कीमतें बढ़ने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को बताया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने की दो मुख्य वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) का उत्पादन कम किया गया है। उत्पादक देश अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए तेल के उत्पादन को कम कर रहे हैं। इसलिए कच्चा तेल खरीदने वाले देशों के लिए यह महंगा पड़ रहा है। इससे पहले शनिवार कोवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कहा था कि तेल की बढ़ती कीमतों ने सरकार के समक्ष धर्मसंकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि तेल की खुदरा कीमतों को जायज स्तर तक लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कोई व्यवस्था बनानी होगी।
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