यह सभी जानते हैं कि शासकीय कर्मचारी किसी भी राजनीतिक दल की सदस्य नहीं हो सकते और ना ही सरकार के खिलाफ किसी भी प्रकार के आंदोलन में भाग ले सकते हैं, लेकिन यहां हम आपको बताएंगे कि शासकीय कर्मचारी के परिवार का कोई भी सदस्य राजनीति कर सकता है या नहीं एवं सरकार के खिलाफ किसी आंदोलन में भाग ले सकता है अथवा नहीं।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 की धारा 5 की परिभाषा:-
1. कोई भी शासकीय सेवक किसी भी राजनीतिक पार्टी या किसी ऐसे संगठन जो राजनीति में भाग लेता हो, उसका सदस्य नहीं बनेगा और न ही ऐसे संगठन से कोई संबंध रखेगा।
2.कोई भी लोकसेवक अपने परिवार के किसी भी सदस्य को किसी ऐसे आंदोलन या कार्यकलाप में जो शासन के विरोध में या विध्वंसकारी हो ऐसे कार्यक्रमों में चंदा देने या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने नहीं देगा। अगर वह लोकसेवक ऐसा करने में असमर्थ होता है तो शासन को रिपोर्ट करेगा।
3. कोई भी शासकीय सेवक न तो किसी विधानमंडल के चुनाव में या निकाय चुनाव में किसी विशेष पार्टी के लिए वोट की याचना नहीं करेगा न कोई हस्तक्षेप करेगा और न अपने पद के प्रभाव का उपयोग करेगा। लेकिन वह निर्वाचन में मत दे सकता है अपनी इच्छा अनुसार स्वयं। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)
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