ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कोर्स की परीक्षा के बाद फेल विद्यार्थियों को पास की मार्कशीट जारी कर दी गई थी। मामले का खुलासा हुआ तो ऐसे सभी स्टूडेंट्स को फिर से फेल कर दिया गया। अब यह स्टूडेंट्स पास होने के लिए दी गई रिश्वत की रकम वापस मांग रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक स्टूडेंट से औसत ₹100000 रिश्वत ली गई थी। रिश्वतखोर अफसरों की स्थिति यह है कि ना तो वह पास की मार्कशीट जारी कर पा रहे हैं और ना ही रिश्वत की रकम लौट आना चाहते हैं।
जीवाजी विश्वविद्यालय: नर्सिंग की फर्जी मार्कशीट कांड का पूरा खुलासा कभी भी हो सकता है
शुरू से लेकर अब तक यह तो प्रमाणित हो गया कि स्टूडेंट्स को फर्जी मार्कशीट जारी की गई। यह सब कुछ यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के अधिकारियों द्वारा किया गया, लेकिन इस रैकेट के सरगना और रैकेट के सदस्यों का खुलासा अब तक नहीं हुआ है। जिन स्टूडेंट्स ने पास होने के लिए रिश्वत दी है, वह धमकी दे रहे हैं कि यदि उनकी रकम वापस नहीं की गई तो वह सभी के नामों का खुलासा कर देंगे। माना जा रहा है कि जल्द ही इस गिरोह के सभी सदस्यों के नाम का खुलासा हो जाएगा।
मामला ठंडा हो जाए तो फिर से मार्कशीट जारी कर देंगे: मार्कशीट माफिया का आश्वासन
जीवाजी विश्वविद्यालय के फर्जी मार्कशीट माफिया ने स्टूडेंट को आश्वासन दिया है कि जैसे ही यह मामला ठंडा हो जाएगा और मीडिया की सुर्खियों से बाहर हो जाएगा तो फिर से पास वाली मार्कशीट जारी कर देंगे। इस प्रकार जीवाजी यूनिवर्सिटी में सक्रिय माफिया रिश्वत की रकम वापस लौट आने से बचने की कोशिश कर रहा है। जबकि सूत्रों का कहना है कि का बंटवारा काफी पहले हो चुका है और अब उसकी रिकवरी संभव नहीं है।
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