भोपाल। मध्य प्रदेश के बुद्धिजीवियों एवं राजधानी भोपाल की कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय गोयल द्वारा टीका लगवाए जाने पर सवाल उठाया है। दावा किया गया है कि यह भारत के प्रधानमंत्री के कार्यालय द्वारा निर्धारित किए गए कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
मध्यप्रदेश में आईएएस अफसरों ने कोरोना का टीका लगवाने खुद को हेल्थ वर्कर प्रदर्शित किया
उल्लेखनीय है कि भोपाल में गुरूवार को 76 सेंटरों पर कोरोना वैक्सीन के टीके लगाए गए। जेपी अस्पताल स्थित सेंटर पर अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय गोयल भी टीका लगवाने दोपहर में पहुंचे। उन्होंने खुद को हेल्थ वर्कर की तरह प्रदर्शित किया और लाइन में लगे परंतु सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारी उनकी सेवा में मौजूद थे।
आईएएस अफसर ना तो हेल्थ वर्कर ना ही फ्रंटलाइन वर्कर
उल्लेखनीय है कि कोरोनावायरस का वैक्सीन सबसे पहले हेल्थ वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाया जा रहा है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी चाहे वह स्वास्थ्य विभाग में किसी भी पद पर क्यों ना हो, ना तो हेल्थ वर्कर है और ना ही फ्रंटलाइन वर्कर। वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया का कहना है कि सोशल मीडिया पर अपनी फोटो जारी करवाकर दोनों अफसरों ने दूसरी बड़ी गलती की है। अब इनसे प्रेरणा लेकर जिला स्तर पर कई अधिकारी हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर का हक छीन ते हुए वैक्सीनेशन करवा लेंगे।
29 जनवरी को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) https://ift.tt/39quPsA

Social Plugin