हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर जेल में वर्षों से चार दीवारी में कैद 30 बंदी मंगलवार को जब गणतंत्र दिवस के मौके पर रिहा हुए तो उनकी आंखें नम हो गईं। जेल की चौखट से खुले आसमान के नीचे कदम रखते ही मानों जज्बात फूट पड़े हों। अपनों को देखकर आंखों से आंसू बहने लगे। रिहा होने वाले बंदियों को उनके परिजन लेने पहुंचे थे। इस दौरान बंदियों ने कहा कि अपराध एक करता है, बर्बाद पूरा परिवार होता है। एक अपराध पूरी जिंदगी खराब कर देता है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर इस साल भी जेल में अच्छे आचरण वाले 30 बंदियों को सेंट्रल जेल में झंडा वंदन के बाद रिहा किया गया। जेल प्रबंधन ने इससे पहले जेल में उन्हें शॉल श्रीफल देकर बेहतर भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में जेल अफसरों के साथ ही सामाजिक संस्थाओं के सदस्य और अन्य बंदी मौजूद थे। यहां जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बंदियों को नए जीवन के लिए बधाई दी। जैसे ही बंदियों ने जेल से बाहर कदम रखा, तो सुबह से इंतजार में बैठे उनके परिजन उनसे लिपट गए।
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