मध्यप्रदेश में राजस्थान की ठंडी हवाओं का हमला, दोपहर की धूप में भी सिरहन - MP WEATHER REPORT N FORECAST

भोपाल। हिमालय की सीमाओं में आने वाले प्रदेशों में बर्फबारी के कारण उतर रही ठंड और राजस्थान की हवाओं के कारण मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया। राजस्थान के नजदीक वाले इलाके शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में दोपहर को सूरज की धूप तो निकली लेकिन उसमें गर्मी नहीं थी क्योंकि 15 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से राजस्थान की ठंडी हवाएं चल रही थी। सबसे सर्द रात दतिया में रही, यहां का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

भोपाल, उज्जैन सहित पांच जिलों में कोल्ड डे, इंदौर और धार में सीवियर कोल्ड डे

राजधानी भोपाल में मंगलवार को कोल्ड डे दिन का तापमान भी सामान्य से 6 डिग्री नीचे 19.3 डिग्री और भाेपाल में रात का तापमान सामान्य से 3 डिग्री नीचे 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसलिए यहां पर कोल्ड रहा है। हालांकि न्यूनतम तापमान में आज 3 डिग्री की बढ़ोत्तरी हो गई है, परंतु ठंडी हवाएं चल रही है। न्यूनतम तापमान 10.1 रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को उज्जैन समेत 5 अन्य जिलाें में भी काेल्ड डे रहा। इंदाैर और धार में सीवियर काेल्ड डे था।

मध्य प्रदेश के इन शहरों में तापमान 7 डिग्री से नीचे

इन शहरों में दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, खरगोन, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, खजुराहो, नौगांव, शाजापुर में सात डिग्री से कम तापमान रहा। राजस्थान में पड़ रही भीषण ठंड के चलते ग्वालियर-चंबल में पारा तेजी से लुढ़का है।

कड़कड़ाती ठंड के बीच आएगा नया साल, ग्वालियर चंबल शीतलहर की चपेट में

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, ठंड के यह तेवर एक जनवरी तक इसी तरह बने रहने के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश में न्यूनतम तापमान दो डिग्री तक पहुंच सकता है। सोमवार से हवाओं का रुख उत्तरी होते ही राजधानी सहित पूरे प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग शीतलहर की चपेट में आ चुके हैं। फसलों पर पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है।

15 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल रही है ठंडी हवाएं

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि आसमान साफ होने और वातावरण में नमी नहीं होने के कारण धूप तो निकल रही है, लेकिन लगभग 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं के कारण धूप में भी सिहरन महसूस हो रही है। साथ ही अधिकतम तापमान भी नहीं बढ़ पा रहा है।

राजस्थान की ठंडी हवाओं ने मध्यप्रदेश को कड़कड़ाया

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है। वर्तमान में हवा का रुख उत्तरी बना हुआ है। पड़ोसी राज्य राजस्थान भी कड़ाके की ठंड की चपेट में है। इस वजह से राजस्थान से लगे मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी इलाके में तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक जनवरी तक ठंड के तेवर इसी तरह तीखे बने रहने के आसार हैं। इससे बाद तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने की संभावना है।

3 जनवरी के बाद हो सकती है बारिश

तीन जनवरी के बाद प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने के आसार भी बन रहे हैं। पूर्वी और पश्चिमी हवाओं के सम्मिलन (टकराव) के कारण राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ ओले भी गिर सकते हैं। बरसात की स्थिति दो दिन तक बनी रह सकती है।

30 दिसम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार



from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) https://ift.tt/34XoN05