भोपाल। स्कूलों में पदस्थ प्राचार्य और व्याख्याताओं का गोपनीय प्रतिवेदन नहीं मिलने पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें 2010 से 2014 के बीच का गोपनीय प्रतिवेदन नहीं देने पर अपत्ति की है। अपर संचालक लोक शिक्षण कामना आचार्य की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राचार्य एवं व्याख्याताओं के गोपनीय प्रतिवेदन 10 नवंबर तक मांगे गए थे जिसे अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। कई जगह से जानकारी भेजी गई लेकिन वो अधूरी थी। उन्होंने दोबारा अधिकारियों को संबंधित प्रतिवेदन पूर्ण जानकारी के साथ दो दिवस के भीतर भेजने को कहा गया है।
जानकारी नहीं भेजी तो प्रमोशन नहीं मिल पाएगा
लोक शिक्षण संचालनालय ने साफ किया है कि जानकारी ई-मेल के माध्यम से भेजी जाए। यदि समय के भीतर गोपनीय प्रतिवेदन नहीं भेजे गए तो पदोन्निति के कार्य में बिलंब होगा। ज्ञात हो कि प्राचार्य संवर्ग की पदोन्नति को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रक्रिया प्रारंभ की है। ऐसे में जानकारी नहीं मिलने की वजह से विभागीय स्तर पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही है।
कई शासकीय स्कूलों में प्राचार्य पद रिक्त बने हुए है यदि प्रक्रिया समय सीमा में पूर्ण होगी तो स्थाई रूप से योग्य व्यक्ति को प्राचार्य का दायित्व मिल पाएगा। कई स्कूलों में तो लंबे समय से कनिष्ठ श्रेणी शिक्षकों को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व मिला हुआ है इस वजह से स्कूल की गतिविधियां प्रभावित हो रही है। वित्तीय मामलों में निर्णय करने में प्रभारी प्राचार्य असहज महसूस करते हैं। वहीं प्रशासनिक नियंत्रण भी प्रभावी नहीं हो पाता है।
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