भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राइवेट स्कूल संचालक लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि स्कूल की नियमित कक्षाएं शुरू की जाएं और शिक्षा मंत्री भी दबाव में आकर स्कूल की नियमित कक्षाओं के आदेश दे चुके हैं लेकिन इससे पहले एक बड़ा मामला सामने आ गया। मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के 26 में से 10 स्टूडेंट्स कोरोनावायरस संक्रमित पाए गए हैं। सभी की हालत गंभीर है और सभी को जेके हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
सरकार के फैसले से पहले ही नियमित कक्षाएं शुरू कर दी थी
कोरोनावायरस संक्रमण का खतरा होने के बावजूद मैनेजमेंट ने मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय की नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया था। स्टूडेंट पर दबाव बनाया गया कि स्कूल की नियमित कक्षाओं में आना शुरू करें और अपनी उपस्थिति को स्वेच्छा से उपस्थित होना बताएं। करियर को बचाने के लिए स्टूडेंट्स ने जान का जोखिम लिया और नियमित कक्षाओं में भाग लेने लगे। इसी दौरान 26 में से 10 स्टूडेंट्स संक्रमित हो गए।
स्कूल डायरेक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है
मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक का कहना है कि उन्होंने नियमित कक्षाओं के बारे में संस्कृति संचालनालय को सूचित कर दिया था पुलिस टॉप वहां से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही कक्षाएं संचालित की जा रही थी। निदेशक ने यह भी बताया कि रविवार को तीन नए एडमिशन हुआ है जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण दिखाई दिए थे। सवाल यह है कि वह जानलेवा निर्देश किसने जारी किए और निदेशक ने नए स्टूडेंट्स को एडमिशन देने से पहले कोरोनावायरस की नेगेटिव रिपोर्ट क्यों नहीं मांगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार यह एक गंभीर अपराध है। यदि स्टूडेंट्स के पेरेंट्स चाहे तो नियमित कक्षाओं के आदेश जारी करने वाले संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में मामला दर्ज किया जा सकता है।
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