भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश से संबद्ध सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को सामान्य रूप से नियमित संचालित करने के लिए मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के चेयरमैन श्री राधेश्याम जुलानिया ने मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार की स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार को पत्र लिखा है। उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि शमी और बोर्ड के चेयरमैन राधेश्याम जुलानिया के बीच तनाव की स्थिति है।
एमपी बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि एमपी एजुकेशन बोर्ड के बायोलॉजी के अनुसार हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की परीक्षा में उसी स्कूल के स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं जिन स्कूलों में शिक्षा सत्र के दौरान कम से कम 200 दिन नियमित कक्षा का संचालन हुआ हो। इस नियम के कारण चेयरमैन श्री राधेश्याम जुलानिया ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर स्कूल ओपन करने की सलाह दी है। इससे पहले श्री राधेश्याम जुलानिया ने दूरदर्शन के माध्यम से बोर्ड के स्टूडेंट्स को पढ़ाने की तैयारी की थी लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि शमी उस पर रोक लगा दी थी।
मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूल ओपन करने से इनकार कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में संक्रमण तेजी से बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में सरकार किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती है। इधर स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि उनके द्वारा "मेरा घर मेरा विद्यालय" संचालित किया जा रहा है और बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि एमपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल संचालित नहीं हो रहे इसलिए परीक्षा कराने में समस्या आएगी।
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