जासूसी के आरोपों में पाकिस्तान की जेल में 8 साल बिताने वाले शमसुद्दीन (70) को अधिकारी रविवार को कानपुर (उत्तर प्रदेश) उनके घर लेकर पहुंचे। शमसुद्दीन 26 अक्टूबर को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत आए थे लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते अमृतसर में क्वारंटीन थे। शमसुद्दीन की बहन उनसे मिलने के बाद कुछ समय के लिए बेसुध हो गई थीं।
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