भोपाल। मध्य प्रदेश में उपचुनाव की प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इशारे पर किए गए राज्य प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों (ज्वाइंट कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर) के ट्रांसफर निरस्त कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया। कांग्रेस पार्टी की ओर से इस संदर्भ में चुनाव आयोग को शिकायत प्राप्त हुई थी। परीक्षण में चुनाव आयोग ने पाया कि अधिकारियों के तबादले आम जनजीवन को सामान्य बनाने या कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए अति अनिवार्य नहीं थे।
दरअसल सरकार ने आयाेग से अनुमति लिए बिना ही अफसराें का तबादला कर दिया था। ये सभी तबादले 19 जिलों की उन 28 विधानसभा क्षेत्रों में किए थे, जहां उप चुनाव होना हैं। इसकी शिकायत राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह एवं विवेक तन्खा ने चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और सुशील चंद्रा से मुलाकात कर की थी।
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की भी शिकायत की गई
उन्होंने बताया था कि कांग्रेस ने इसकी शिकायत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मप्र मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में बैठे अफसर वास्तविक शिकायतों का निराकरण नहीं करते हैं तो उन्हें बदल देना चाहिए। ट्रांसफर किए गए अफसरों को रिटर्निंग ऑफिसर जैसी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है जो आचरण संहिता का उल्लंघन है।
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