उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की चिंतामन स्थित गोशाला में शुक्रवार रात फूड पॉइजनिंग से 10 गायों की मौत हो गई। मंदिर के अधिकारियों ने पशु चिकित्सालय को सूचना दी। इसके बाद पशु चिकित्सकों का दल चिंतामन पहुंचा। देर रात तक डॉक्टर अन्य गायों के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थे।
इस घटना ने मंदिर प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। सूत्र बताते हैं कि गोशाला के प्रभारी अधिकारी प्रतीक द्विवेदी व गोशाला प्रभारी निरंजन जोनवाल लंबे समय से गोशाला नहीं गए थे। इस लापरवाही की जानकारी मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत को भी थी। बावजूद किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
शुक्रवार को देखरेख के अभाव में गायों के खाने में ऐसी वस्तु आ गई, जिससे एक-एक कर उनकी मौत होने लगी। शाम पांच बजे से रात्रि नौ बजे के बीच 10 गायों ने दम तोड़ दिया। गायों की मौत फूड पॉइजनिंग से होना बताया जाता है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी रात 8.30 बजे तक अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी। मीडिया ने अफसरों से घटना के संबंध में जानकारी लेना चाही, तब उन्हें घटना पता चली। इसके बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया और मेडिकल टीम को चिंतामन पहुंचाया।
प्रथम दृष्टया गायों की मौत जहरीला चारा खाने से हुई है। पोस्टमार्टम होने के बाद वस्तुस्थिति की जानकारी मिलेगी। फिलहाल कुछ गायों का इलाज जारी है। मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुजानसिंह रावत, प्रशासक महाकाल मंदिर
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