मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मोमिन जमात बुरहानपुर के अध्यक्ष शाह परवेज़ सलामत ने केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से यह आग्रह किया है कि निजी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा केवल निजी शालाओं के अमीर विद्यार्थियों को ही उपलब्ध है, जोकि देश के सरकारी स्कूलों के गरीब विद्यार्थियों और उन विद्यार्थियों के प्रति अन्याय है, जो एंड्राइड मोबाइल खरीद नहीं सकते हैं और देश में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या अधिक मात्रा में है। यह ऑनलाइन प्रणाली गरीब और अमीर विद्यार्थियों के मध्य एक खाई पैदा कर रही है। यह देश के गरीब विद्यार्थियों के शिक्षा के मौलिक अधिकारों का हनन है,जो गरीब विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित कर रहा है। राज्य सरकार, केंद्र सरकार, उच्चतम न्यायालय एवं संबंधित सभी विभागों एवं सामाजिक संगठनों, एन जी ओ आदि को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना के विश्व व्यापी संकट को देखते हुए वर्तमान अकादमिक सत्र को शून्य घोषित कर देना देश के गरीब एवं सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के हित में न्याय संगत निर्णय होगा। मोमिन जमात बुरहानपुर के अध्यक्ष शाह परवेज़ सलामत ने देश के संविधानिक पदों पर बैठे सांसद विधायक एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से ऑनलाइन कक्षाओं के विरोध में अपना विरोध दर्ज करा कर अपना पक्ष शासन के समक्ष अपील की है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं का भरपूर विरोध हो रहा है। एवं गरीबी के कारण अधिकांश बच्चे महंगा एंड्रॉयड मोबाइल खरीदने में असमर्थ हैं।
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