ग्वालियर। पांच दिन पहले पेट दर्द अस्थमा की शिकायत पर मुरार जिला अस्पताल के मेडिसन वार्ड में साठ वर्षीय वृद्ध को भर्ती कराने के बाद उसके परिवार वाले गायब हो गए। उपचार के दौरान वृद्ध की मौत हो गई। जब वृद्ध के परिजन शव लेने अस्पताल नहीं पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना मुरार थाना पुलिस को दी। फिलहाल मृत वृद्ध का शव मुरार जिला अस्पताल में रखा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन परिजनों के आने का इंतजार कर रहा है। दोपहर तक यदि परिजन नहीं आएंगे तो मृतक का शव पुलिस को सौंपकर डैडहाउस भेजा जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. डीके शर्मा ने बताया पांच दिन पहले हजीरा निवासी साठ वर्षीय बुजुर्ग नरेश पुत्र जगन्नाथ को पेट दर्द व अस्थमा की शिकायत परमुरार जिला अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे थे। वृद्ध नरेश को अस्पताल के मेडिसन वार्ड में भर्ती कराया था। दो दिनों से वृद्ध के परिवार वाले अचानक उसे अस्पताल में छोडक़र गायब हो गए। वहीं उपचार के दौरान वृद्ध नरेश ने दम तोड़ दिया। जब अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती पर्चे पर लिखे पते की पड़ताल की तो पता चला कि भर्ती स्लीप में पता केवल हजीरा लिखा हुआ है। साथ ही वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के अटेण्डरों ने बताया कि मृतक के परिजन उसे भर्ती कराने के बाद से ही गायब है।
नहीं कराया कोरोना टेस्ट
मेडिसन विभाग में भर्ती वृद्ध नरेश का इलाज पूर्व सीएमएचओ डॉ.मृदुल सक्सैना कर रहे थे। जबकि मरीज अस्थमा से पीडि़त होने के बाद भी उसका कोरोना टेस्ट नहीं कराया गया था। जबकि आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार अस्थमा पीडि़त व वृद्ध का कोरोना टेस्ट कराना जरुरी है।
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