बिजली गिरते समय संकेत — आप तुरंत यह काम करे
बिजली गिरना एक प्राकृतिक घटना है. आसमान से गिरने वाली बिजली का तापमान कई बार सूरज के तापमान से भी ज्यादा होती है. यह आमतौर पर 17 हजार डिग्री सेल्सियस से 27 हजार डिग्री सेल्सियस तक होती है. जबकि, सूरज का औसत तापमान 5505 डिग्री से लेकर 10 हजार डिग्री सेल्सियस तक रहता है. आसमान से गिरने वाली बिजली में लाखों-अरबों वोल्ट की ऊर्जा होती है. बिजली में अत्यधिक गर्मी के चलते तेज गर्जना होती है.

बिजली गिरते समय उससे बचने के लिए ये कुछ जरूरी काम हैं, जो सभी को करने चाहिए. अगर आपके सिर के बाल खड़े हो जाएं या झुनझुनी होने लगे तो फौरन नीचे बैठकर कान बंद कर लें. यह इस बात का संकेत है कि आपके आसपास बिजली गिरने वाली है. जहां हैं वहीं रहे, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें दोनों पैरों को आपस में सटा लें, दोनों हाथों को घुटनों पर रख कर अपने सिर को जमीन की तरफ जितना संभव हो झुका लें. सिर को जमीन से सटने न दें. जमीन पर कभी न लेटें. बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का इस्तेमाल न करें. खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे और छत से दूर रहें.
पेड़ बिजली को आकर्षित करते हैं, इसलिए पेड़ के नीचे खड़े न हों. समूह में न खड़े रहें, अलग-अलग हो जाएं. घर से बाहर हैं तो धातु से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल न करें. बाइक, बिजली के पोल या मशीन से दूर रहें
आकाशीय बिजली इलेक्ट्रिकल डिस्चार्ज है. ऐसा तब होता है जब बादल में मौजूद हल्के कण ऊपर चले जाते हैं और पॉजिटिव चार्ज हो जाते हैं. वहीं, भारी कण नीचे जमा होते हैं. निगेटिव चार्ज हो जाते हैं. जब पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज अधिक हो जाता है. तब उस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज होता है.
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