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| (Photo: REUTERS) |
दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वे इस स्तर पर हेट स्पीच को लेकर किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का निर्णय लिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज करने से शांति बहाली और स्थिति सामान्य करने में मदद नहीं मिलेगी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा मामले में 48 एफआईआर दर्ज की हैं।
कोर्ट ने साम्प्रदायिक हिंसा के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग वाली याचिका में केन्द्र का पक्षकार बनने का अनुरोध स्वीकार किया। साथ ही याचिका पर जवाब देने के लिए केन्द्र और पुलिस को चार सप्ताह का समय दिया। दरअसल एक दिन पहले जस्टिस मुरलीधर ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए हेट स्पीच देने वाले नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हालात सामान्य होने तक हस्तक्षेप करने की कोई हड़बड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि आगजनी, लूटपाट और हिंसा में हुई मौतों के संबंध में अब तक 48 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि भाजपा के तीनों नेताओं के नफरत भरे कथित भाषणों को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए केंद्र और पुलिस को याचिका पर जवाब दाखिल करने की जरूरत है। (न्यूज सोर्स : जनसत्ता)
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