दिल्ली में हिंसा को लेकर शिवसेना ने मुखपत्र सामना के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. गौरतलब है कि दिल्ली हिंसा में मरने वालों की तादाद लगातार बढ़ती रही है. अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी है और 200 से ज़्यादा घायल हैं. हालात पहले से ज़रूर बेहतर हैं लेकिन तनाव अभी भी बन हुआ है.
शिवसेना ने मुखपत्र सामना के जरिये कही ये सात बातें...
- जब दिल्ली जल रही थी गृह मंत्री कहां थे? दंगों के वक़्त आधा मंत्रिमंडल अहमदाबाद में था.
- राष्ट्रपति ट्रंप को नमस्ते, नमस्ते साहेब कर रहे थे. 3 दिन बाद पीएम मोदी ने शांति रखने का आह्वान किया.
- 4 दिन बाद NSA अजीत डोभाल लोगों के बीच गए. इससे क्या होगा? जो नुकसान होना था पहले ही हो चुका.
- देश को मजबूत गृह मंत्री मिला है लेकिन वे दिखे नहीं. विपक्ष सवाल उठाएगा तो क्या उन्हें देशद्रोही ठहराया जाएगा?
- 24 घंटे में जस्टिस मुरलीधर के तबादले का आदेश निकल गया. सरकार ने न्यायालय द्वारा व्यक्त 'सत्य' को मार दिया.
- शाहीन बाग़ का मामला भी सरकार ख़त्म नहीं कर सकी. भड़काऊ भाषण ही राजनीति में निवेश बन गए हैं.
- अर्थव्यवस्था धाराशायी लेकिन भड़काऊ भाषण का बाज़ार गरम'.
from WIDGETS TODAY https://ift.tt/2PtYUNK
via IFTTT

Social Plugin