इनमें दिल्ली चुनावों के दौरान भड़काऊ बयान देने वाले और ‘देश के गद्दारों…’ वाले नारे लगवाने वाले बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा, बीजेपी के नए ‘बयानवीर’ कपिल मिश्रा शामिल हैं. इनके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के विधायक वारिस पठान. इन्होंने हिंदुओं के खिलाफ मुसलमानों को भड़काने का काम किया. एक रैली में कहा कि 100 करोड़ लोगों पर 15 करोड़ लोग भारी पड़ेंगे. इन्होंने लोगों को भड़काकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी. खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ा. उसकी रोजी और रोटी पर लात पड़ी है. हिंसा की आग में आम लोग जल रहे हैं. घरों में डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में तनाव है.
इन सबके बीच दिल्ली पुलिस ने 25 फरवरी को बताया कि हिंसा में एक पुलिसकर्मी सहित सात लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में से पांच की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. जिनकी पहचान हुई, उनमें शाहिद, मोहम्मद फुरकान, नाजिम, राहुल सोलंकी के साथ ही हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल हैं. 24 फरवरी को पांच लोगों के मारे जाने की सूचना थी. साथ ही 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. 50 के करीब पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. इनमें शाहदरा के डीसीपी अमित शर्मा भी शामिल हैं. उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी. 24 फरवरी को रात में उनकी सर्जरी हुई.
(सोर्स : लल्लनटॉप)
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