मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

केंद्रीय सरकार के द्वारा लाए गए विवादास्पद काले कानून के विरोध में बुरहानपुर के शाहीन बाग शौकत मैदान में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं ओजस्वी वक्ता मोइन अंसारी एवं उस्ताद लतीफ़ शाहिद की वाणी के जरिए छोड़ी गई इंकलाबी चिंगारी के नतीजे में सोमवार 17 फरवरी 2020 को 17 मुस्लिम भाजपाइयों ने एक पत्रकार वार्ता का आयोजन करके बीजेपी को अलविदा कह दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार (1) बीजेपी के प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा उपाध्यक्ष शहजाद अख्तर गुड्डू मौलाना, (2) नजीब अंसारी, (3) सेवानिवृत्त एमआईसी सदस्य एवं पार्षद सैयद अनीस उद्दीन, (4) शिया समाज के वरिष्ठ नेता शायर मिर्जा इफ्तेखार अली बेग और उर्फ जॉनी पहलवान, (5) मोहम्मद असलम हकीम मोहम्मद नजीर, (6) मजीद ठेकेदार लालबाग, (7) अब्दुल शाहिद, (8) जफर हुसैन, (9) अब्दुल रशीद, (10) मिर्जा सईद बेग, (11) जाहिद मीर, (12) जफर कादरी, (13) कलीम खान, (14) सैयद अहमद तूफान शाहपुर, (15) इरफान खान, (16) ऐहकाम उल करीम, (17) रियाज हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि पार्टी के इस निर्णय से हम भी मानसिक रूप से परेशान हैं। बीजेपी सदस्यों के इस सामूहिक त्यागपत्र से पार्टी की साख पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ेगा, वहीं इस्तीफा देने वाले समस्त सदस्यों का संबंध मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के ग्रुप से बताया जाता है। यह सभी लोग मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड अध्यक्ष के बहुत करीबी रहे हैं। इन 17 लोगों के सामूहिक त्यागपत्र के बाद अब सबकी निगाहें मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य लोगों पर लगी हुई है। इस सामूहिक त्यागपत्र का सोशल मीडिया पर व्यापक प्रभाव देखा गया है और सभी ने इस निर्णय का स्वागत किया है कांग्रेसी सदस्य मोहम्मद इकराम अंसारी गब्बू सेठ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह साबित हुआ है कि दुनियाभर ईमान गालिब है। सोशल मीडिया पर कई भाजपा नेताओं ने अपनी हिंदूवादी विचारधारा के परिप्रेक्ष्य में इन लोगों से प्रश्न भी किए हैं। लेकिन यह प्रश्न, इन लोगों की बौखलाहट को प्रदर्शित करता है। डाॅक्टर फरीद क़ाज़ी ने भी भाजपा को अलविदा कहने वाले कौमपरस्त रहनुमाओं के जज्बे को सलाम किया है।
from New India Times https://ift.tt/2P2B77c
Social Plugin