जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर भरत यादव, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव बीआर मीरा और तहसीलदार रश्मि चतुर्वेदी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। आरोप है कि हाईकोर्ट का स्टे होने के बावजूद अतिक्रमण की कार्रवाई की गई और कब्जा धारियों को बेदखल कर दिया गया।
उखरी रोड लक्ष्मीपुर निवासी निवासी सोनकलीबाई, पुरुषोत्तम दाहिया व संतोष लाल की ओर से दायर इस अवमानना याचिका में कहा गया है कि उनके पूर्वजों को कई दशकों पूर्व लक्ष्मीपुर की जमीनें कोटवारी में दान में दी गई थी। जिसके बाद से वह निरंतर उस पर काबिज है। इतना ही नहीं चार पीढ़ी से उक्त जमीन पर उनका कब्जा है, इसके बाद उक्त जमीन को नजूल की बताते हुए उक्त बेदखल किये जाने की कार्रवाई शुरु की गई, जिस पर उन्होने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल 2018 को याचिकाकर्ताओं की बेदखली पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी उन्हें हटाने के लिए तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की गई। आरोप है कि अधिकारियों को हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश दिखाने के बाद भी उन्होंने कार्रवाई जारी रखी। इस पर यह याचिका दायर की गई, जिसमें राजस्व सचिव बीआर मीरा, जबलपुर कलेक्टर भरत यादव, जेडीए के भू अर्जन अधिकारी राजेन्द्र राय और तहसीलदार रश्मि चतुर्वेदी को पक्षकार बनाया गया है। मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा पैरवी कर रहे हैं।
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