इंदौर। इंदौर स्थित गीता भवन चौराहा पर शुक्रवार शाम नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन से वापस लौट रहे एक रिटायर्ड कर्मचारी रमेश प्रजापति (75) ने घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में पड़े एक चौराहे पर खुद को आग लगा ली थी। इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को इलाज के दौरान रमेश प्रजापति की मौत हो गई।
निर्मल श्रीवास ने बताया- रमेश प्रजापति शुक्रवार शाम सात बजे गीता भवन चौराहा स्थित एक ऑटोमोबाइल्स शोरूम के पास पहुंचे और बाेतल में भरा केरोसिन खुद पर उड़ेलकर आग लगा ली। उन्हें लपटों में घिरा देख लोग सकते में आ गए। घटनास्थल के पास रहने वाले डीएसपी सुनील तालान ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। तुकोगंज थाने के बीट जवान वहां पहुंचे और लोगों की सहायता से प्रजापति की आग बुझाकर एमवाय पहुंचाया।गौरतलब है कि रमेश प्रजापति को गंभीर अवस्था में एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है।
कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव छोटेलाल सरावद और कैलाश लिंबोदिया भी मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने बताया कि प्रजापति रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी थे। वे कई दिनों से सीएए और एनआरसी के विरोध में माणिकबाग और बड़वाली चौकी में पार्टी की ओर से प्रदर्शन कर रहे थे। लगता है कि इसी के तनाव में उन्होंने यह कदम उठाया।
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