झारखण्ड की सत्ता गंवाने के चंद दिनों बाद ही रांची की निचली अदालत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में हाई कोर्ट के एक अधिवक्ता ने परिवाद दायर किया है.
झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता डोरंडा निवासी हरेंद्र कुमार सिंह के परिवाद (शिकायतवाद संख्या 6466/19) पर गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुड़िया की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक फरवरी की तारीख मुकर्रर की है. अगली सुनवाई के दिन शिकायतकर्ता का बयान शपथ-पत्र पर दर्ज किया जाएगा.
शिकायतकर्ता ने अपने परिवाद में कहा है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा था कि विदेशों से काला धन लाएंगे. सभी भारतीयों के खाते में 15-15 लाख रुपये आएंगे. साथ ही तीन लाख सरकारी नौकरियां पैदा करेंगे. यह बातें भाजपा के घोषणा पत्र में भी थी. नरेंद्र मोदी ने यह वादा सात नवंबर 2013 को छत्तीसगढ़ में किया था. ऐसा कहकर नरेंद्र मोदी ने लोगों को ठगा और बहुमत पाया. यही जुमला भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने भी अपनाया था. अमित शाह ने एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल को पांच फरवरी 2015 को काला धन आने पर भरतीयों को 15-15 लाख रुपए मिलने की बात को लोकोक्ति कहा और इसे चुनावी उद्देश्य बताया था.
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने 18 दिसंबर 2018 को महाराष्ट्र के सांगली में भरोसा दिलाया था कि काला धन आने पर 15-15 लाख प्रत्येक भारतीय को मिलेंगे. शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि 21 दिसंबर 2019 को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का एक न्यूज चैनल पर साक्षात्कार सुना था. भाजपा ने कहा है कि वह अपने घोषणा पत्र पर अडिग है, लेकिन अब भाजपा काला धन आने पर भारतीयों को 15-15 लाख रुपये मिलने की बात से पीछे खिसक रही है. यह चुनावी वादा था, जिसे पूरा नहीं किया गया. 15-15 लाख रुपये मिलने की बात कहकर लोगों को बेवकूफ बनाया गया.
( सोर्स : आजतक )
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