सरकारी वेबसाइट पर लिखा- NRC तैयार करने की दिशा में ही पहला कदम है NPR


गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनपीआर का डेटा एनआरसी में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हालांकि, सरकारी वेबसाइट ‘https://archive.india.gov.in/spotlight/spotlight_archive.php?id=96’ पर माैजूद जानकारी इसके उलट है। इसमें लिखा है कि गांव, तहसील, जिला, राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर एनपीआर के डेटा की जांच के बाद नागरिकता तय होगी। इसी डेटा से नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजंस (एनआरआईसी) यानी एनआरसी तैयार हाेगा। नागरिकता कानून, 1955 में साल 2004 में किए गए संशाेधन के मुताबिक एनआरआईसी में नाम दर्ज करवाना अनिवार्य है। एनपीआर ही एनआरआईसी की दिशा में पहला कदम है। ऐसे में हर नागरिक के लिए पहले एनपीआर में नाम लिखाना अनिवार्य है।

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गृह मंत्रालय की 2018-19 की सालाना रिपोर्ट के चैप्टर-15 में भी लिखा है कि एनआरसी बनाने के लिए एनपीआर पहला कदम है। इसे  ‘https://mha.gov.in/sites/default/files/AnnualReport_English_01102019.pdf’  पर पढ़ा जा सकता है।

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