जबलपुर। शहर में बढ़ते प्रदूषण से हर कोई परेशान है, अब केंद्र सरकार ने भी माना है कि दो साल में हवा में प्रदूषण का स्तर असामान्य हुआ है। इसमें पीएम- 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर) और पीएम-10 बढ़ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। पिछले दो माह में ऑटोमेटिक प्रदूषण मांपने वाली मशीन के आंकड़ों को देखें तो तीन से चार गुना ज्यादा स्थिति खराब हुई है। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने खुद इस बात को माना है। जबलपुर के प्रदूषण को लेकर लोकसभा में सांसद राकेश सिंह ने प्रश्न लगाया था। जिसके लिखित जवाब में राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने बताया कि प्रदूषण का स्तर मानकों से ज्यादा बना हुआ है।
विभाग के मुताबिक क्या है स्थिति
पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार जबलपुर में वायु गुणवत्ता की निगरानी की गई। इसमें हवा में एसओ-2 और एनओ-2 मानक के भीतर मिला है। जबकि पीएम 2.5 और पीएम -10 मानक से अधिक मिला है। प्रदूषण की वजह निर्माण कार्य और तोड़फोड़ अधिक होना माना गया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर निर्देश भी जारी हुए हैं।
विभागीय उपाय
देशभर में प्रदूषण को कम करने के लिए 1 अप्रैल 2020 से बीएस-4 से सीधे बीएस-6 ईंधन मानकों को लागू करने की योजना है। दिल्ली में अक्टूबर 2019 से बीएस-6 ईंधन मानक को लागू किया जा चुका है।
ऐसे समझे बीएस-4 :
मार्केट में बिकने वाली गाड़ियों में बीएस-4 इंजन होता है। इसके ईंधन में सल्फर की मात्रा अधिक होती है। इससे नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन भी ज्यादा होता है। वायु प्रदूषण की बड़ी वजह यही है। प्रदूषण कम करने के लिए बीएस-6 इंजन वाले वाहनों को मंजूरी दी गई है। इसमें एडवांस एमीशन कंट्रोल सिस्टम फिट होगा। जो डीजल वाहनों में 70 फीसदी और पेट्रोल वाहन में 25 फीसदी तक नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करेगा।
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