अंकित तिवारी, लखनऊ (यूपी), NIT:
गुरुवार 19 दिसंबर को वाम पार्टियों के आह्वान पर लखनऊ में प्रशासन की पाबंदियों तथा चौतरफा की गई घेराबंदी को धता बताते हुए मार्च निकाला गया जिसे परिवर्तन चौक पर कुछ दूर जाने के बाद प्रशासन ने बैरीकेड करके रोक दिया। इस पर हजारों की संख्या में आम नागरिक तथा वामदलों के कार्यकर्ता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य ईश्वरी कुशवाहा, लखनऊ के पार्टी प्रभारी कामरेड रमेश सिंह सेंगर, राज्य कमेटी सदस्य राधेश्याम मौर्य, मीना सिंह, इनौस के प्रदेश सह सचिव राजीव गुप्ता, सीपीएम के राज्य सचिव हीरालाल यादव तथा प्रेमनाथ राय ने किया।
परिवर्तन चौक सड़क पर हुई सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि आज का दिन साझी शहादत का दिन है। हिंदुस्तान की आजादी सांझी शहादत की बदौलत मिली है और संविधान हमारी साझी विरासत है। हमें संविधान में भेदभावपूर्ण बदलाव मंजूर नहीं है। हम एनआरसी तथा नागरिकता संशोधन कानून को नामंजूर करते हैं।
सभा को सीपीएम के सचिव हीरालाल यादव, प्रेमनाथ राय, ऐडवा की मधु गर्ग, रिहाई मंच के राबिन तथा नागरिक समाज के बुद्धिजीवियों ने संबोधित किया।सभा का संचालन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष लालबहादुर सिंह तथा अध्यक्षता लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जुबैर खान ने की।
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