शाेध में दावा किया गया है कि टमाटर में पाया जाने वाला लैक्टो लाइकोपीन नाम का एक डाइटरी कंपाउड शुक्राणुओं की गुणवत्ता में तेजी से सुधार लाता है। शाेध में जिन लाेगाें काे टमाटर का सप्लिमेंट दिया गया उनके शुक्राणुओं के आकार व एक्टिवीटी में 40 प्रतिशत बढ़ाेत्तरी पाई गई।
ऐलन पेसी, एंड्रोलॉजी प्रजनन के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के डिपार्टमेंट ऑफ ऑन्कोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म के प्रमुख ऐलन पेसी ने कहा कि हमें वास्तव में यह उम्मीद नहीं थी कि टेबलेट या प्लेसबो लेने वालाें पुरुषों के शुक्राणु में कोई अंतर होगा।लेकिन जब हमने परिणामाें काे डिकोड किया ताे यह चाैंकाने वाला था।
रीक्षण के दाैरान आधे लाेगाें ने 12 सप्ताह तक हर दिन लैक्टो लाइकोपीन की खुराक ली और दूसरे आधे लाेगाें ने समान रूप से प्लेसबो की खुराक ली। परीक्षण की शुरुआत और अंत में शुक्राणु और रक्त के नमूने एकत्र किए गए थे। शाेम में टीम ने पाया कि स्वस्थ आकार के शुक्राणु के अनुपात में वृद्धि करना और 'फास्ट स्वीमिंग' शुक्राणु को लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ाना संभव है।लाइकोपीन कुछ फलों और सब्जियों में पाया जा सकता है, लेकिन टमाटर इसका मुख्य स्रोत है।
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