भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के बीच खो-खो का खुला खेल चल रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने 22 सितम्बर को 'किसान आंदोलन' का ऐलान किया था तो राकेश सिंह ने 20 सितम्बर की घोषणा कर दी। भोपाल समाचार ने तत्काल गुटबाजी उजागर की। अंतत: पार्टी में एकजुटता दिखाने के लिए शिवराज सिंह को प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के सामने झुकना पड़ा। उन्होंने अपना किसान आंदोलन रद्द कर दिया। अब वो 20 सितम्बर को पार्टी द्वारा घोषित धरना प्रदर्शन में भाग लेंगे।
शिवराज सिंह चौहान कई बार कई बार अलग-थलग पड़ चुके हैं
शिवराज सिंह चौहान ने एलान किया था कि यदि सरकार ने 21 सितम्बर तक राहत कार्य नहीं किए तो वो बाढ़ पीड़ितों के समर्थन में कमलनाथ सरकार के खिलाफ 22 सितंबर को प्रदर्शन करेंगे। इसके ठीक बाद राकेश सिंह प्रदेश अध्यक्ष ने 20 सितम्बर को धरना प्रदर्शन का ऐलान कर दिया था। इसी के साथ पार्टी में गुटबाजी की खबरें सुर्खियों में आना शुरू हो गई थीं। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से शिवराज सिंह चौहान कई बार कई मुद्दों पर अलग-थलग पड़ चुके हैं।
शिवराज सिंह ने कहा: 20 तारीख को प्रदर्शन में शामिल होंगे
अब शिवराज सिंह चौहान ने खुद इस बात की तस्दीक की है कि वो 20 सितंबर को ही विधानसभा स्तर पर होने वाले पार्टी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वो 21 तारीख को मंदसौर दौरे पर जाएंगे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।
पहले भी शिवराज सिंह अकेले पड़ चुके हैं
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद शिवराज सिंह चौहान ने संगठन की अनुमति के बिना मध्य प्रदेश में आभार यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया था। इसे लेकर संगठन में नाराज़गी दिखी थी। नतीजा बाद में यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
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