नई दिल्ली। दिल्ली यात्रा के लिए इंदौर के लोगों की सबसे पसंदीदा ट्रेन इंदौर-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में डकैती का मामला सामने आया है। डकैतों ने लूटपाट तो की ही, विरोध करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीपक शुक्ला को चलती ट्रेन से फेंक दिया। दीपक के दोनों पैर कट गए, सिर पर गंभीर चोट है। गार्ड ने फिर भी ट्रेन नहीं रोकी। यात्रियों ने अस्पताल भर्ती कराया। रेलवे की तरफ से कोई हालचाल जानने भी नहीं आया।
डकैतों के डर से गार्ड ने ट्रेन तक नहीं रोकी
अपोलो हॉस्पिटल से फोन पर पिता धनश्याम शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को जब इंदौर-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में ओखला से कुछ पहले डकैत डिब्बे में चढ़ गए और लूटपाट करने लगे। विरोध करने पर दीपक को बाहर फेंक दिया। डकैतों से घबराए गार्ड ने ट्रेन नहीं रोकी। यात्रियों द्वारा चैन पुल करने पर ट्रेन रुकी। दीपक को कुछ लोगों ने नीचे आ कर देखा और उसे अपोलो हस्पताल ले कर गए।
रेलवे को इलाज कराना चाहिए, वो देखने भी नहीं आए
शुक्ला ने बताया हादसा होने पर भी गार्ड द्वारा ट्रैन को नहीं रोकना अत्यंत दुखद है। अभी तक रेलवे की और से कोई भी हाल जानने नहीं आया। उन्होंने बताया कि दिल्ली राजकीय रेलवे पुलिस मामले में जांच कर रही है। अस्पताल में इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो गए हैं, परिवार आर्थिक संकट से घिर गया है। ऐसे में उन्होंने रेलवे से उचित मुआवजे की मांग की है।
परिवार सदमे में है। ऐसी घटनाएं आगे नहीं हो रेल प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक प्रभावी कदम उठाने चाहिए। कुन्हाड़ी के सभी निवासियों ने इस धटना पर गहरा दुख व्यक्त कर रेलवे से शीघ्र उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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