एम्स के प्रोफेसर डाक्टर वी। के। शर्मा ने बताया कि अधिकतर हेयर डाई (मेहंदी) में पीपीडी जैसे केमिकल्स बिना जानकारी दिए मिलाए जा रहे हैं। यह बहुत खतरनाक होता है। इस स्टडी के बारे में जानकारी अगले कुछ महीनों में आ जाएगी। डॉक्टर्स का बोलना है कि सिर्फ हर्बल मेंहदी ही नहीं, बालों को रंगने वाली अन्य मेंहदी, कॉस्मेटिक क्रीम्स, बिंदी, सिंदूर, कुमकुम, फेयरनेस क्रीम कोई भी पूरी तरह से सेफ नहीं हैं।
आसान से सवालों का जवाब दे और इनाम जीते
NBT के अनुसार, डाक्टर वी। के। शर्मा ने बताया कि सिंदूर या लिक्विड बिंदी, कुमकुम से भी स्किन की बीमारी हो सकती है। सिंदूर की ज्यादातर इंडस्ट्रीज लोकल होती हैं।किसी को नहीं पता कि सिंदूर को लाल बनाने के लिए कौन से केमिकल्स प्रयोग होते हैं। जहां तक साइंटिफिक बात है तो ज्यादातर में एजोडाइज जैसे केमिकल होते हैं। चिकित्सक के अनुसार कोई भी प्रोडक्ट सेफ नहीं है। गिनती के कुछ इंटरनैशनल प्रोडक्ट्स ही हैं जो गाइडलाइंस को अनुसरण करते हैं। जहां तक हिंदुस्तान की बात है तो यहां पर कोई रूल एंड रेग्युलेशन नहीं है।
एम्स में स्किन के उपचार के लिए आए 106 मरीजों पर स्टडी की गई। 74 मरीज चेहरे पर डॉर्कनेस से पीड़ित थे, 24 को एलर्जी थी, बाकी को अन्य परेशानी थी। 35 पर्सेंट मरीजों में एक बात कॉमन थी कि वे हेयर डाई व फेयरनेस क्रीम का प्रयोगकरते थे। ऐसी क्रीम या डाई का प्रभाव स्किन पर होता है तो रंग बदलने लगते हैं। किसी की स्किन लाल तो किसी की काली पड़ जाती है।
from WIDGETS TODAY https://ift.tt/32ttsmu
via
IFTTT
Social Plugin