नितिन गडकरी ने कहा जुर्माना राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाता है और वही इसे कलेक्ट करते हैं, केंद्र सरकार के पास जुर्माने का पैसा नहीं आता। यह केंद्र के राजस्व संग्रह का कोई मुद्दा नहीं है। राज्य सरकारें जुर्माना राशि 500- 5000 रुपए के बीच रख सकते हैं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारी-भरकम चालान से परेशान लोगों के लिए एक राहतभरी खबर दी है। उन्होंने कहा है कि नए मोटर वाहन अधिनियम-2019 (New Traffic Rules-2019) को पब्लिक और पार्टी लाइन से हटकर लोगों से समर्थन मिला है। जो लोग जुर्माना देने से नाखुश थे, वे भी सहमत हैं। उन्होंने कहा कि जुर्माना राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाता है और वही इसे कलेक्ट करते हैं, केंद्र सरकार के पास जुर्माने का पैसा नहीं आता। यह केंद्र के राजस्व संग्रह का कोई मुद्दा नहीं है। राज्य सरकारें जुर्माना राशि 500 से 5000 रुपए के बीच रख सकते हैं, ऐसा करने का उन्हें अधिकार है।
नितिन गडकरी ने न्यूज नेशन के साथ दिए अपने इंटरव्यू में कहा था कि नए कानून के मुताबिक पहली गलती पर 500 रुपए तक का जुर्माना लगेगा, और दूसरी गलती पर 1500 तक का फाइन लगेगा। लेकिन राज्य सरकार को ये अधिकार है कि वो 500 या 1500 रुपए के फाइन को 100, 200 या 500 भी कर सकती है।Union Minister Nitin Gadkari: Motor Vehicles Act has got support from public & people across party lines. Those who were unhappy with fines have also agreed. Fines are collected by states, there is no issue of revenue collection by Centre. States can vary fines from Rs 500-5000. pic.twitter.com/iPMUBvVAXW— ANI (@ANI) September 17, 2019
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