पार्ले जी बिस्किट की मांग में अचानक आयी कमी के क्या कारण हैं?


हाल ही में आपने खबर देखी दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले बिस्कुट को बनाने वाली कंपनी पारले अपने 10 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है. कंपनी की दलील है कि मार्केट में डिमांड कम होने के चलते उसका माल कम बिक रहा है. हमने जानने की कोशिश की कि आखिर पारले जी जैसा बिस्कुट क्यों नहीं बिक रहा है? हम पहुंचे साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया. साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश का एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. यहां करीब 10,000 कारखाने हैं जिनमें करीब ढाई लाख मजदूर काम करते हैं. मजदूर वर्ग में पारले-जी खासा लोकप्रिय माना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस बिस्किट में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा होती है जिससे मजदूर कम पैसा खर्च करके ज्यादा ऊर्जा पा लेता है और कुछ समय के लिए उसका पेट भर जाता है भूख शांत हो जाती है.  आसान से सवालों का जवाब दे और इनाम जीते

रामनिवास यहां पर बीते 28 साल से चाय की दुकान चलाते हैं ज़्यादातर मज़दूर ही इनके ग्राहक हैं. बताते हैं कि पहले रोजाना 24 पारले जी बिस्कुट के पैकेट बिक जाया करते थे, जबकि अब मुश्किल से 2-3 बिकते हैं. बता रहे हैं कि जबसे पारले जी ने 4 रुपये के बिस्कुट के पैकेट के दाम 5 रुपए किये और बिस्कुट के पैकेट में 16 की जगह 13 बिस्कुट कर दिए तबसे मज़दूर को पारले जी महंगा लगने लगा है और वो दूसरे सस्ते विकल्प की तरफ़ जा रहा है.

रामनिवास ने बताया, पारले जी की बिक्री अब बहुत घट गई है. पहले रोजाना 24 पीस बेच दिया करते थे, लेकिन अब मुश्किल से दो तीन पीस ही बिक पा रहे हैं. बीते छह-सात महीने में ज्यादा अंतर पड़ा है. लोग अब चाय के साथ पारले जी बिस्कुट लेने की बजाए पापे, मट्ठी, रस्क ले रहे है. बिस्कुट का पैकेट छोटा है, 5 रुपये का जबकि दूसरे विकल्प 1 रुपये का एक है जिससे पेट भर जाता है.

कुल मिलाकर कहानी यह है कि पहले पारले जी 4 रुपए का बिस्कुट का पैकेट आया करता था, जिसमें 16 बिस्कुट मिला करते थे. लेकिन जीएसटी आने के बाद बिस्कुट पर टैक्स 12 फ़ीसदी से बढ़कर 18 फ़ीसदी हो गया. जिसके चलते कंपनी ने बिस्किट के पैकेट पर 1 रुपए बढ़ाया और तीन बिस्कुट कम कर दिए. देश में आर्थिक हालात भी खराब चल रहे हैं, ऐसे में मजदूर वर्ग को ये फैसला रास नहीं आया जिसके चलते डिमांड कम हो गई और नतीजा ये कि कंपनी कर्मचारियों की छंटनी की बात कर रही है.

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