भोपाल। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जश्न मनाया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आदिम जाति कल्याण द्वारा संचालित स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक में अब आदिवासी बोली/भाषा को शामिल किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इन बोलियों/भाषाओं के लिए भाषाई उत्थान वर्ष 2019 मना रही है।
विधि विधायी मंत्री पीसी शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर व प्रकाश जैन, प्रशासन प्रभारी महामंत्री राजीव सिंह, मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे व मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में बताया गया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ हर आदिवासी बोली/भाषा के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित कर रहे हैं।
इसमें राज्य शिक्षा केंद्र, माध्यमिक शिक्षा मंडल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय आदि संस्थानों को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आदिवासी बोली/भाषा आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों की पहली कक्षा में 80 फीसदी, दूसरी कक्षा में 50 प्रतिशत, तीसरी कक्षा में 20 फीसदी और छठवीं से आठवीं तक सहायक वाचक के रूप में रहेगी। सहायक वाचक में आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और बोलियों के बारे में अध्ययन कराया जाएगा। आदिवासी भाषाएं गोंडी, भील, कोरकू, सहरिया व बैगानी पर सरकार काम कर रही है।
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