भोपाल। भारत के प्रधानमंत्री एवं भाजपा का आदर्श नेता नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय सहित उनके समर्थकों को पार्टी से निकालने के आदेश दिए हैं। संसदीय दल की बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेटा किसी का भी उसे पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए।
भाजपा सांसदों के दल को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'जिन लोगों ने इस मामले में जमानत पर रिहा हुए आकाश विजयवर्गीय का स्वागत किया है, उन्हें पार्टी में रहना का हक नहीं है। सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए।' सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने आकाश विजयवर्गीय मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरीके की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। ये पार्टी और देश के हित में नहीं है।
आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में मुहिम चलाई थी
बता दें कि भाजपा नेताओं के एक गुट से विधायक आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में मुहिम चलाई थी। सोशल मीडिया पर आकाश विजयवर्गीय को क्रांतिकारी और महिलाओं का रक्षक के तौर पर पेश किया गया था। उसकी हिंसक कार्रवाई को उचित ठहराया गया था। इंदौर शहर में 'सेल्यू आकाश' के पोस्टर्स लगाए गए थे और भाजपा नेताओं ने सड़क पर आकर प्रदर्शन भी किया था।
मामला क्या है
एक जर्जर मकान को तोड़ने के लिए 2018 में आदेश जारी हुए। इसके बाद कई बार नोटिस दिए गए। 26 जून को निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस टीम के साथ जर्जर मकान को ढहाने के लिए पहुंचे। आकाश विजयवर्गीय चाहते थे कि यह कार्रवाई रोक दी जाए परंतु नगर निगम कार्रवाई रोकने को तैयार नहीं था। बस इसी से नाराज आकाश विजयवर्गीय ने मौके पर मौजूद सरकारी अधिकारी को क्रिकेट से बैट से पीट दिया। बाद में दलील दी गई कि निगम अधिकारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे इसलिए आकाश ने हिंसक कार्रवाई की परंतु इस मामले में अब तक ना तो किसी महिला ने शिकायत की है और ना ही आकाश विजयवर्गीय अपने आरोप प्रमाणित कर पाए हैं।
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