भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने फरवरी-मार्च 2019 में शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के लिए शिक्षक भर्ती हेतु माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की थी लेकिन इसका परिणाम घोषित न होने से करीब पांच लाख युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। उनका आरोप है कि इसी परीक्षा के साथ नीट की ऑनलाइन परीक्षा भी हुई थी, लेकिन उसका परीक्षा परिणाम आ चुका है। इस मामले में युवाओं ने पीईबी के अधिकारियों से संपर्क किया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
परीक्षार्थियों का कहना है कि उन्हें धोखे में रखकर विभाग परिणाम आगे बढ़वाने पर तुला है। परीक्षार्थियों को डर है कि अगर परिणाम आने में देरी हुई तो ओवर एज होने के कारण यह मौका भी उनके हाथ से न निकल जाए। वहीं कुछ परीक्षार्थी ऐसे भी हैं जिन्होंने नौकरी छोड़कर इस परीक्षा के लिए तैयारी की थी। उन्हें उम्मीद थी कि परीक्षा परिणाम जल्द आएगा तो वे सरकारी नौकरी में आ जाएंगे लेकिन रिजल्ट घोषित न होने से उनका भविष्य भी अधर में लटक गया है। विभाग पहले दो बार रिजल्ट जल्द घोषित होने की बात कह चुका है। अब वह तीसरी बार भी कह रहा है कि इस माह के अंत तक रिजल्ट घोषित हो जाएगा लेकिन परीक्षार्थियों को उनकी बात पर भरोसा नहीं है।
किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा
शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम क्यों अटका है? इस मामले में पीईबी के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। परीक्षार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं उनको आश्वस्त करता हूं कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा।
प्रभुराम चौधरी, स्कूल शिक्षा मंत्री
पीईबी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा
मैंने शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी प्राइवेट नौकरी छोड़कर इस आशा से की थी, ताकि जल्द परीक्षा परिणाम घोषित होने पर नई नौकरी ज्वॉइन कर लूंगा। लेकिन परिणाम घोषित करने में देरी की जा रही है। पीईबी भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है। सुरजीत सिंह, परीक्षार्थी
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