भोपाल। व्यापमं घोटाले के बाद सरकारी नौकरियों में निष्पक्षता पर सवाल उठ गए हैं। कांग्रेस ने ऐलान किया था कि वो व्यापमं को बंद कर ऐसी संस्था का गठन करेंगे जिसकी निष्पक्षता प्रमाणित होगी। इस संस्था का नाम मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (MADHYA PRADESH STAFF SELECTION COMMISSION) होगा। बता दें कि देश के कई राज्यों में पहले से ही कर्मचारी चयन आयोग संचालित है।
तकनीकी शिक्षा विभाग कर्मचारी चयन आयोग का मसौदा भी तैयार कर चुका है। इसमें विधायकों को भी बतौर सदस्य रखा जाएगा। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के वचन पत्र में व्यापमं को बंद करने का वादा किया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस कार्रवाई को अंजाम देने की मियाद 15 दिन तय कर दी।
कांग्रेस सरकार के बनने के बाद से ही व्यापमं को बंद करने और नई संस्था के रूप पर मंथन शुरू हो गया था। जनवरी में जब विभागों ने वचन पत्र के वादों का परीक्षण करके कार्रवाई करना शुरू की तो सामान्य प्रशासन विभाग ने व्यापमं का मामला तकनीकी शिक्षा विभाग को सौंप दिया।
विभाग में इसकी प्रारंभिक तैयारी भी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित मसौदे की नई संस्था में 31 सदस्य रखे जा सकते हैं। इसमें 13-14 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव पदेन सदस्य होंगे। वहीं, 11 सदस्यों को सरकार मनोनीत करेगी। दो विधायकों को भी सदस्य नियुक्त किया जाएगा। इस मामले में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री कमलनाथ ही करेंगे।
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