ट्यूबवेल की बजाय कुएं अधिक उपयोगी: श्रीमती अर्चना चिटनिस

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस दीदी अब सामाजिक चिंतन में अपना ध्यान केंद्रित की हुई हैं। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने भू-जल स्तर गिरने पर चिंता जताते हुए कहा कि आज 600 से 800 फीट तक जलस्तर गिर चुका है। ट्यूबवेल सूखते जा रहे हैं। क्षेत्र में 1200 फीट की गहराई वाली बोरिंग मशीनें आ गई हैं। हम धरती से जल तो ले रहे हैं लेकिन उसकी भरपाई नहीं करते हैं। ट्यूबवेल एक बार सूखने के बाद दोबारा काम नहीं आता है। इसका खामियाज़ा हमें सूखे के रूप में भुगतना पड़ता है। ट्यूबवेल की बजाय खुले कुएं अधिक उपयोगी है। कम से कम वे रिचार्ज हो जाते हैं तथा उनकी साफ-सफाई व खुदाई कर सकते हैं। हमें मोदीजी के संदेश पर चलते हुए भाजपा के सदस्यता अभियान के दौरान हमें प्रकृति व पर्यावरण की रक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर उसपर अमल करना होगा।



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