ग्वालियर। पिता शासकीय शिक्षक, मां आंगनवाड़ी सुपरवाइजर का 12 साल का बेटा मृदुल यादव (Mridul Yadav) घर मं हंस खेल रहा था और कुछ देर बाद उसकी लाश फांसी पर लटकी मिली। लाश के नीचे सोफे पर कुर्सी और कुर्सी पर स्टूल रखा था। पुलिस का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला (Suicide case) है जबकि पिता का कहना है कि वो तो खेल रहा था, उसे कोई तनाव नहीं था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोवर्धन कॉलोनी में रहने वाले प्रेम सिंह यादव (Prem Singh Yadav), अपनी पत्नी व बच्चे के साथ ससुराल में रहते हैं। प्रेम सिंह पेशे से शिक्षक हैं और उनकी पत्नी आंगनवाड़ी में सुपरवाइजर हैं। उनके 12 वर्षीय बेटे मृदुल उर्फ चीपी की मौत हुई। उसका शव फांसी पर लटका मिला। इस दौरान प्रेम सिंह घर की तीसरी मंजिल पर थे और उनकी पत्नी व सास दवाई लेने बाज़ार गईं थी।
शाम को करीबन पौने सात बजे जब प्रेम सिंह नीचे आये तब बच्चा उन्हें पंखे पर दुप्पटे से फंदा लगाकर झूलता मिला। परिजन ने बताया कि मृदुल परिवार में इकलौता था और पिण्टों पार्क स्थित विवेकानंद अकादमी (Vivekananda Academy) में कक्षा 7 वीं का छात्र था। सुबह अंग्रेजी का पेपर देकर आया था तथा हिंदी के पेपर की तैयारी कर रहा था। मृदुल के शव के नीचे सोफे पर कुर्सी और फिर कुर्सी पर स्टूल रखा हुआ था।
परिजन ने बताया कि मृदुल को घर में कोई परेशानी नहीं थी। उसने अपने पिता को कुछ ही देर पहले खुशी-खुशी अपनी पढ़ाई की तैयारी के बारे में भी बताया था। उनका मानना है संभवत: मृदुल खेल खेल में फंदे पर झूल गया होगा। वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया है और मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।
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