इंदौर। कांग्रेस के मोहल्ला मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक बिजली कटौती के मामले में सब एक ही बात दोहरा रहे हैं कि 'बिजली कटौती भाजपा की साजिश है, बिजली कर्मचारी भाजपा से मिले हुए हैं।' परंतु अब ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने अपने अधिकारी-कर्मचारी के बचाव में मोर्चा तान दिया है। उन्होंने इंदौर में बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओ को जमकर खरी-खोटी सुनाईं।
ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कांग्रेसियों को लताड़ लगाई
ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने साेमवार काे यहां कांग्रेसी विधायकों और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। कांग्रेस नेताओं ने मंत्री से कहा कि बिजली कंपनी में ऐसे अधिकारी-कर्मचारी हैं, जो भाजपा की मदद करते हैं। लाइट बंद करने में उनकी भूमिका है। इस पर मंत्री ने कहा कि आप सबूत दीजिए। ट्रांसफार्मर, लाइन कोई खराब कर रहा है तो चुपके से वीडियो बनाइए। मैं उसके खिलाफ केस दर्ज करवा दूंगा। बगैर तथ्यों के कार्रवाई नहीं कर सकता। केवल आरोप पर पूरे स्टाफ और एमडी को उठाकर जेल में डाल दूं क्या?
लाइट गुल होते ही भाजपा वाले प्रचार शुरू कर देते हैं
मंत्री ने कहा कि भाजपा की सोशल मीडिया टीम बहुत तेज है। लाइट गुल होते ही हमारे खिलाफ प्रचार शुरू हो जाता है। हमें भी अब आक्रामक बनना होगा। आप भी कांग्रेस शासन में बिजली की सरप्लस उपलब्धता और भाजपा सरकार में ज्यादा बिजली जाने की बात साेशल मीडिया में फैलाएं। इंदौर के द्वारकापुरी में लाइन खराब करने पर केस दर्ज कराया है।
संबल योजना तो भाजपा ने ही बंद कर दी थी
सीहोर में हमने भाजपा की रैली में सरकारी मदद देने वाले इंजीनियर पर कार्रवाई की है। मंत्री ने कहा कि संबल योजना में रजिस्ट्रेशन भाजपा सरकार ने ही 2018 में बंद कर दिया था। केंद्र की योजना में यह पंजीयन होता है। अब हमारी सरकार आई तो बदनाम कर रहे हैं कि कांग्रेस सरकार पंजीयन नहीं कर रही। कार्यक्रम में विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, उर्जा सचिव आईसीपी केशरी, कंपनी के एमडी विकास नरवाल भी मौजूूद थे।
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