इंदौर। लोक शिक्षण संचालनालय जयश्री कियावत के नाम से दो दिन पहले सरकारी स्कूल के शिक्षक (SIKSHAK) कोचिंग (COCHING) में सेवाएं नहीं देंगे वाला आदेश फर्जी (Fake order) निकला। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा हाल ही में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को लेकर जारी पत्र पर विभाग में बवाल मचा हुआ है। इस पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्कूल के जो शिक्षक कोचिंग सेंटरों (Coaching centers) में पढ़ाएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सभी शिक्षकों को 25 जून तक अपने संकुल प्राचार्य को इसके संबंध में एक शपथ पत्र भी देना है। वहीं, इस पत्र को लेकर शिक्षा विभाग के स्थानीय अफसरों का कहना है कि हमें इस तरह का कोई पत्र विभाग की ओर से अभी तक नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर डाला गया यह पत्र फर्जी है। इसके संबंध में आयुक्त ने साइबर सेल में शिकायत भी की है। कमिश्नर से आदेश को लेकर विभागीय अधिकारियों से कहा कि ऐसा कोई आदेश मुख्यालय से जारी नहीं हुआ है। ऐसे आदेश की जारी करने की जरूरत भी नहीं है क्योंकि स्कूल शिक्षा अधिकार अधिनियम में यह प्रावधान पहले से है कि कोई सरकारी सरकारी स्कूल का टीचर निजी कोचिंग में अपनी सेवाएं नहीं देगा।
जारी किए गए आदेश में सरकारी शिक्षकों पर ट्यूशन पढ़ाने पर पाबंदी का जिक्र था, लेकिन अब जबकि आदेश नकली साबित हुआ है, तब जानकार बता रहे हैं कि इस आदेश की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में पहले ही लिखा हुआ है कि सरकारी स्कूल के शिक्षक ट्यूशन नहीं पढ़ा सकते। विभाग ने इस आदेश को लेकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) http://bit.ly/2WNl0vk

Social Plugin