भोपाल (MP WEATHER FORECAST)। मध्यप्रदेश में मानसून (MANSOON) की बारिश शुरू हो गई है। भोपाल के आसमान पर बादल छा गए हैं और रुक रुककर बरस भी रहे हैं। गुरूवार को मानसूनी बारिश की शुरूआत धमाकेदार थी। शनिवार-संडे की दरम्यानी रात भी अच्छा पानी गिरा। अब मौसम वैज्ञानिकों ने भोपाल में बाढ़ जैसे हालात पैदा करने वाली बारिश की भविष्यवाणी (PREDICTION) की है। उनका पूर्वानुमान है कि 2 जुलाई को या इसके एक दिन आगे पीछे भोपाल में भारी बारिश हो सकती है जिसमें कई नाले उफान मारेंगे।
माैसम वैज्ञानिकाें का कहना है कि भाेपाल में 2 जुलाई काे भारी बारिश हाेने की संभावना है। उज्जैन, हाेशंगाबाद, इंदाैर जबलपुर संभागाें और मंदसाैर, नीमच जिलाें में भी 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश हाे सकती है। वजह यह है कि रविवार काे बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बन सकता है। इसके असर से ही मप्र के इन इलाकाें में बारिश हाेगी और मानसून आगे बढ़ेगा। माैसम विशेषज्ञ एसके नायक ने बताया कि मानसून फिर उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्यप्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा द्वारका, अहमदाबाद, भोपाल, जबलपुर, लखीमपुर, मुक्तेश्वर से होकर गुजर रही है।
यदि वो घने काले हैं और हवा नहीं चल रहीं हैं तो सावधान हो जाएं।
अपने घर, दुकान या आफिस में ऐसी सभी चीजों को व्यवस्थित कर दें जो भारी बारिश में प्रभावित हो सकतीं हैं।
यदि आप निचले इलाकों में हैं जहां अक्सर पानी भर जाता है तो वो सारे इंतजाम पहले से ही कर लें जो 2006 से लेकर 2018 के बीच नहीं कर पाए थे।
बिजली के कनेक्शन, वायरिंग इत्यादि जांच लें। यदि स्पार्किंग हो रही है या कहीं लूज या ओपन कनेक्शन है तो उसे रिपेयर करवा लें।
अपनी कार या वाहन ऐसे स्थानों पर ना रखें जहां तेज आंधी की स्थिति में उन्हे नुक्सान होने का खतरा हो।
अक्सर मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान गलत निकल जाते हैं परंतु सावधान रहने में बुराई भी नहीं है।
माैसम वैज्ञानिकाें का कहना है कि भाेपाल में 2 जुलाई काे भारी बारिश हाेने की संभावना है। उज्जैन, हाेशंगाबाद, इंदाैर जबलपुर संभागाें और मंदसाैर, नीमच जिलाें में भी 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश हाे सकती है। वजह यह है कि रविवार काे बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बन सकता है। इसके असर से ही मप्र के इन इलाकाें में बारिश हाेगी और मानसून आगे बढ़ेगा। माैसम विशेषज्ञ एसके नायक ने बताया कि मानसून फिर उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्यप्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा द्वारका, अहमदाबाद, भोपाल, जबलपुर, लखीमपुर, मुक्तेश्वर से होकर गुजर रही है।
क्या सावधानियां बरतें
कृपया बादलों की तरफ देखते रहें।यदि वो घने काले हैं और हवा नहीं चल रहीं हैं तो सावधान हो जाएं।
अपने घर, दुकान या आफिस में ऐसी सभी चीजों को व्यवस्थित कर दें जो भारी बारिश में प्रभावित हो सकतीं हैं।
यदि आप निचले इलाकों में हैं जहां अक्सर पानी भर जाता है तो वो सारे इंतजाम पहले से ही कर लें जो 2006 से लेकर 2018 के बीच नहीं कर पाए थे।
बिजली के कनेक्शन, वायरिंग इत्यादि जांच लें। यदि स्पार्किंग हो रही है या कहीं लूज या ओपन कनेक्शन है तो उसे रिपेयर करवा लें।
अपनी कार या वाहन ऐसे स्थानों पर ना रखें जहां तेज आंधी की स्थिति में उन्हे नुक्सान होने का खतरा हो।
अक्सर मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान गलत निकल जाते हैं परंतु सावधान रहने में बुराई भी नहीं है।
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