भोपाल। लोकतंत्र का महापर्व लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही नई सरकार का मार्ग प्रशस्त होकर आदर्श आचार संहिता समाप्त हो गई। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने बताया कि लोकसभा चुनाव में संलग्न कर्मचारियों को अलग-अलग राज्यों में एक ही काम के लिए अलग-अलग मानदेय भुगतान किया गया जो न्यायोचित नहीं है।
मप्र में PO,P1,P2,P3 को ₹1700, 1300, 1000 व 1000 तो राजस्थान में लगभग डबल भुगतान किया गया । राजस्थान में PO को ₹ 3000/- भुगतान किया गया यह भी सही नहीं कहा जा सकता है। देशभर में 01/01/2016 से पुनरीक्षित सातवां लागू होने के बाद निर्वाचन मानदेय भी इसी आधार पर पुनरीक्षित कर 2•57 के गुणांक के मान से राजस्थान में ₹ 3000/- व मप्र में ₹1700/- के स्थान पर ₹ 7710/- स्वीकृत कर इसी क्रम में P1,P2,P3 व अन्य कार्य में संलग्न सभी कर्मचारियों अधिकारियों को संशोधित दरों से देय एरियर का भुगतान किया जावे।
इसके लिये भारत निर्वाचन आयोग व वित्त विभाग भारत सरकार संयुक्त पहल कर विसंगति को दूर कर देशभर में एक समान कर्मचारियों अधिकारियों को न्याय दिलाने की पहल करने का कष्ट करें । इसके लिए शीघ्र ही मप्र तृतीय वर्ग शास कर्म संघ द्वारा भारत निर्वाचन आयोग व नवागत वित्तमंत्री भारत सरकार को इमेल के माध्यम से कर्मचारियों का पक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।
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