हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:

डॉक्टर सलाह देते हैं कि धूम्रपान न करें। जिला अस्पताल कैंपस में जगह-जगह नोटिस चस्पा कर धूमपान करते पकड़े जाने पर दो सौ रुपये जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। कार्रवाई का आदेश धुएं में उड़ रहा है और जिला अस्पताल के ही सामने दुकानें सजाकर ‘कैंसर’ बेंचा जा रहा है। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल गेट के दोनों छोर पर सुबह से रात तक दुकानें लगाकर सिगरेट, गुटखा बेचा जा रहा ह। शायद ही जिले का कोई भी ऐसा हाकिम हो, जो जिला अस्पताल न गया हो। इन हुक्मरानों को भी उस आदेश की याद नहीं आई और न ही उसका पालन कराने की जरूरत महसूस की, जिसे कोटपा कहते हैं। इस नियम के लागू होने के बाद सार्वजनिक स्थान पर धूमपान करना और तंबाकू उत्पाद बेचना दोनों कानूनन अपराध है।
सिगरेट गुटखे की पैकिग पर साफ चेतावनी होती है कि धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है इससे कैंसर हो सकता है..
ये है कार्रवाई का प्रावधान
तंबाकू उत्पादों के नुकसान से बचने के लिए 2003 में कोटपा अधिनियम लागू हुआ था। इसके तहत सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर 200 रुपये का जुर्माने, दुकानों पर तंबाकू उत्पादों के खतरा दर्शाने का बोर्ड न लगाने पर पांच हजार, नाबालिग के तंबाकू उत्पादन बेंचने पर 200 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
बढ़ रही है कैंसर की बीमारी : फिजीशियन
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पंकज अवस्थी बताते हैं कि कैंसर की बीमारी बढ़ रही है। धूम्रपान नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं धूम्रपान करती हैं तो इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चों पर पड़ता है।
हम लाठी लेके तो घूमेंगे नहीं: सीएमएस
सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल बताते हैं कि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और कार्रवाई की हिम्मत किसकी है। पुलिस वाले पकड़ें। अस्पताल गेट पर लगी दुकानों पर नगर पालिका कार्रवाई करे। हम क्या कर सकते हैं, लाठी लेके तो घूमेंगे नहीं।
from New India Times http://bit.ly/2JWoVmB
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