भोपाल। मध्यप्रदेश के इतिहास में यह एकमात्र घटनाक्रम है जब विधानसभा सत्र के बीच उपनेता प्रतिपक्ष ने अपनी ही पार्टी से इस्तीफे का ऐलान किया हो। चौधरी राकेश सिंह ने कांग्रेस को यह झटका दिया था। अब भाजपा में दाल नहीं लगी तो वापस कांग्रेस में लौट आए हैं। बता दें कि चौधरी राकेश सिंह को सिंधिया समर्थक नेता कहा जाता है। एक बार फिर उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने उपस्थित होकर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की।
अब मरते दम तक कांग्रेस में ही रहूंगा: राकेश सिंह
पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह ने शनिवार को भाजपा का दामन छोड़कर शिवपुरी में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मंच साझा करने के बाद कांग्रेस की सदस्यता ले ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा में वे पिछले पांच साल से घुटन महसूस कर रहे थे। झूठ-फरेब की राजनीति से तंग आ चुके थे। आज अपने परिवार में शामिल होकर खुशी हो रही है। अब वे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के मार्गदर्शन में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होना मेरी जीवन की सबसे बड़ी गलती थी। मैं अब मरते दम तक कांग्रेस में ही रहूंगा।
1 अप्रैल को ही तय हो गया था सिंधिया की नामांकन रैली में ज्वाइनिंग होगी
उल्लेखनीय है कि चौधरी राकेश सिंह कांग्रेस की दिग्गी सरकार में आवास एवं पर्यावरण मंत्री रहे थे। सांसद सिंधिया के दिल्ली स्थित बंगले पर एक अप्रैल को पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह कांग्रेस में शामिल होने की पटकथा लेकर पहुंचे थे। इस दौरान उनकी सांसद सिंधिया से लंबी बात हुई।शनिवार को सांसद सिंधिया जब गुना से शिवपुरी के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए निकले, तो चौधरी राकेश सिंह ग्वालियर से शिवपुरी पहुंचे। चंबल के कद्दावर नेता माने जाने वाले चौधरी राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा दक्षिणपंथियों, हिटलरशाह और तानाशाहों की पार्टी है। कार्यकर्ताओं पर फैसले थोपे जाते हैं। जबकि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अगर उनके ऊपर कोई भी कमेंट करते हैं, तो वे वैधानिक तौर पर जवाब देने को तैयार हैं।
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