गोला गोकर्णनाथ में चल रहे ऐतिहासिक चैती मेले का हुआ धूमधाम से समापन

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में चल रहे ऐतिहासिक चैती मेला प्रचीन काल से चला आ रहा है। गतवर्ष की भाँति इस वर्ष भी चौदह दिवसीय ऐतिहासिक चैती मेला जोकि गंगा यमुना सरस्वती की तरह पवित्र त्रिवेण की तरह गोला की धरोहर के रूप में माना जाता है का समापन हुआ।

मेले में सभी जाति धर्मों के लोग बढ़ चढ़ कर मेला सजाने व सवारने का कार्य करते हैं। ऐतिहासिक चैती मेला छोटी काशी भगवान शिव की नगरी में चैत माह में हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्वक ढंग से मनाया जाता है। ऐतिहासिक चैती मेला मंच पर सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रित किया जाता है और सभी लोग हर्षोल्लास से अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर आन्दित होते हैं और मेले में भरपूर अपना अपना सहयोग प्रदान करके अपने आप को गौरवशाली मानते हैं। दूर दराज से लोग भगवान शिव के दर्शन करके चैती मेले का आनन्द लेने गोला आते हैं। दूर दूर से आई हुई भिन्न-भिन्न प्रकार की दुकानें मेले की शोभा बढ़ाती हैं। छोटे बडे़ झूले बच्चों के मन को प्रफुल्लित करते हैं। काला जादू, मौत का कुआँ मेले में चार चाँद लगाने का कार्य करते हैं। शोप्टी की दुकाने मेला सजाने के अंदाज तो निराले ही नजर आते हैं। मेले पर भगवान शिव की आसीम दया की वर्षा होती है।
बुज़ुर्गों का मानना है कि चैत माह में चैती मेले में भूतभावन भोले नाथ माता गौराजी के साथ मेले में प्रवेश करके मेले में आने जाने वाले अपने श्रद्धालु भक्तों का अवलोकन करते हैं। मेले में नगरपालिका परिवार की तरफ से हर वर्ष मंच का आयोजन किया जाता है। मंच के माध्यम से मेले की देख रेख व सुन्दर -सुन्दर कार्यक्रमों के आयोजन किए जाते हैं। बराबर चौदह दिन तक तरह -तरह के मनमोहक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
इस वर्ष भी बारह अप्रैल दिन शुक्रवार को मेले का उद्घाटन डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वल्लित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम से शुभारंभ किया गया था। मेला के चलते प्रत्येक दिवस नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के द्वारा दीप पूजन कर मंच का संचालन किया जाता रहा। मेले के दूसरे दिन रामचरित मानस से सुंदर काण्ड के पाठ से मंच सजायी गयी। तृतीय दिवस स्थानीय कवि सम्मेंलन की रसधार की वर्षा हुई। चतुर्थदिवस सांस्कृतिक कार्यक्रम मुवारकअली एण्ड पार्टी कार्यक्रम सजा, पंचम् दिवस स्थानीय संगीत, छठवें दिवस भोजपुरी कार्यक्रम, सातवें दिवस संत निरंकारी सत्संग से मंच सवारी गयी। आठवें दिवस कुलहिंद मुसाहरा, नौवें दिवस सामान्य ग्यान प्रतियोगिता जूनियर वर्ग, दसवें दिन गायन प्रतियोगिता सीनियर वर्ग, ग्यारहवें दिन नृत्य प्रतियोगिता, बारहवें दिन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, तेरहवें दिवस नगर के विभिन्न विद्यालय के बच्चों के कार्यक्रम सम्पन्न हुये और चौदहवें दिवस मेला समापन व पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम से मेले का समापन किया गया। सभी अतिथियों को सम्मान सहित पुरस्कार वितरण किया गया। समस्त मीडिया कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
मेला मंच का भार नगरपालिका लिपिक राजेश वाजपेयी ने अच्छे ढंग से नगरपालिका ईओ आर.आर. अम्बेश के निर्देशन में संभालने के दायित्व को निभाया।
जिसमें गोला कोतवाल भानु प्रताप सिंह की निगरानी में मेले का भार सीनियर एस.आई. योगेश शंखधर को सौंपा गया जिसे उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से अपने दायित्यों को निभाने में सफल रहे। नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल अपने सहयोगियों के साथ बराबर चौदह दिन मंच पर मौजूद रहीं। मेला समापन में वेदप्रकाश अग्निहोत्री, नानक चंद गुप्ता, काशी विश्वनाथ तिवारी, आलोक कुमार तिवारी, महेंद वर्मा, जमाल राइन, हरिओम वर्मा, महिला सशक्तिकरण व नगर कोतवाल के साथ पुलिस बल मौज़ूद रहा।



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