भोपाल। इंदौर में भाजपा की ताई यानी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन चुनावी दंगल में ताल ठोक चुकीं हैं परंतु दिल्ली से खबर आ रही है कि उनका टिकट खतरे में है। चुनाव समिति चाहती है कि ताई अपना नाम वापस ले लें और यहां से किसी नए चेहरे का अवसर दिया जाए। भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर गुर्रा रहे हैं, परंतु उनका टिकट भी असंभव के आसपास ही है।
दरअसल, चुनाव समिति टिकट वितरण में फार्मूला 75 लगाने का मन बना चुकी है। इसी के चलते लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे भाजपा के संस्थापकों के टिकट काटने की तैयारी चल रही है। वरिष्ठ नेताओं को इस संदर्भ में इशारे भी कर दिए गए हैं। सुषमा स्वराज, उमा भारती जैने लोकप्रिय चेहरे भी इस बार चुनाव मैदान में दिखाई नहीं देंगे। कहा जा रहा है कि, उत्तराखंड के पूर्व सीएम बी सी खंडूरी और बी एस कोश्यारी ने खुद से चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया है। दोनों नेता चाहते हैं कि युवाओं को मौका दिया जाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र (2014 में देवरिया से जीते) और पूर्व डेप्युटी स्पीकर करिया मुंडा भी चुनाव नहीं लड़ने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि अब लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के सीएम शांता कुमार को भी चुनावी दौड़ से बाहर किया जा सकता है या फिर वो खुद पीछे हट जाएंगे।
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