संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण ग्वालियर श्रीराम गुप्ता ने एक पटवारी को चार हजार रूपये की रिश्वत लेने के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर चार वर्ष का कारावास और एक एक हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी पटवारी को जेल भेज दिया है।
एसपी लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार सन २०१४ में आरोपी रेवेन्यू इंस्पेक्टर संजय श्रीवास्तव और शुक्लहारी डबरा तहसील के हल्का नंबर १५ के पटवारी अंकित चौहान के विरूद्ध आवेदक केशव यादव ने अपने पिता की जमीन का सीमांकन कराने आवेदन दिया। इस पर आरआई श्रीवास्तव और पटवारी चौहान मौके पर तय दिनांक को नहीं पहुंचे साथ ही १५ हजार रूपये रिश्वत की मांग भी की। इस बात की शिकायत आवेदक केशव यादव ने छह अप्रैल १४ को एसपी लोकायुक्त कार्यालय आकर शिकायत की। वहीं आठ मई २०१४ को लोकायुक्त पुलिस ने आरआई कार्यालय डबरा में छापामार कार्रवाई करते हुए चार हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया था
लोकायुक्त पुलिस ने अभियोग पत्र तैयार कर केस को विशेष लोक अभियोजक के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत किया। डीपीओ अरविंद श्रीवास्तव ने मामले में सशक्त पैरवी की। न्यायाधीश श्रीराम गुप्ता ने आरोपियों को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए आज गुरूवार को भ्रष्टाचार अधिनियम १९८८ की धारा ७ , १३ (१)(क), १३ (२) में क्रमश: ३ एवं ४ वर्ष के कठोर कारावास की सजा एवं प्रत्येक धारा में एक-एक हजार रूपये जुर्माने से दंडित कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
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