भोपाल। जबलपुर में बलात्कार के आरोपी पुलिस आरक्षक संतोष शुक्ला (POLICE CONSTABLE JABALPUR SANTOSH SHUKLA) को एसपी द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। मामला दर्ज होने के बाद भी आरक्षक संतोष शुक्ला को गिरफ्तार नहीं किया गया। वो खुलेआम घूम रहा है और पीड़िता को धमकियां दे रहा है। मंगलवार को पीड़िता भोपाल आ गई और डीजीपी ऑफिस के बाहर हंगामा किया। तब कहीं जाकर उसकी सुनवाई शुरू हुई।
रेप पीड़िता को जनसुनवाई में DGP से मिलने नहीं दिया
जबलपुर से आई दुष्कर्म पीड़ित एक छात्रा ने पुलिस मुख्यालय में हंगामा मचा दिया। दुष्कर्म मामले में वह आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण डीजीपी की जनसुनवाई में आई थी। जब उसे डीजीपी से नहीं मिलने दिया, तो उसने खुदकुशी करने की धमकी देकर हंगामा कर दिया। हालांकि, बाद में अफसरों ने उसे डीजीपी से मिलवाया। डीजीपी वीके सिंह के निर्देश पर एडीजी महिला सेल अन्वेष मंगलम् ने तत्काल प्रभाव से जबलपुर एसपी को इस मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। जबलपुर निवासी 22 वर्षीय छात्रा से 20 फरवरी को संतोष शुक्ला नाम के पुलिसकर्मी ने दुष्कर्म और परिजनों ने मारपीट की थी। सिपाही के खिलाफ जबलपुर सिविल लाइन थाने मामला दर्ज है। बताया गया है कि थाने में बड़ी मुश्किल से दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर के बाद जबलपुर पुलिस आरोपी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। वह आए दिन छात्रा को धमकी दे रहा था। इससे परेशान छात्रा मंगलवार को डीजीपी जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर भोपाल आ गई। वह डीजीपी से मिलकर अपनी फरियाद सुनाना चाहती थी, लेकिन उसे मिलने नहीं दिया। इसके बाद छात्रा ने न्याय की गुहार लगाते हुए खुदकुशी करने की धमकी दी, तब जाकर उसे डीजीपी से मिलने दिया गया।
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