दुर्ग। SAHARA CREDIT COOPERATIVE SOCIETY LIMITED / सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी ने 4 मामलों में आरडी (RECURRING DEPOSIT) खाता खुलवाया। करीब 60 महीनों तक राशि जमा (INVEST) कराई। जब क्लेम देने की बारी आई, तो लगातार मामला अटकता रहा। इससे परेशान होकर पीड़ित खातेदारों ने जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई। सुनवाई के बाद संबंधित संस्था ने जब संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो फोरम ने खातेधारकों को पक्ष में आदेश दिया है। फोरम के सदस्य राजेंद्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने ब्याज सहित सारी राशि लौटाने का आदेश दिया है।
प्रकरण के मुताबिक दीपक गुप्ता ने दो खाते व कमला गुप्ता व राकेश प्रसाद गुप्ता ने एक-एक खाते में करीब 60 माह तक नियत राशि जमा कराई। 12 जनवरी 2013 को उनके लिए संस्थान में आरडी खाता खोला गया। 10 हजार रुपए प्रतिमाह जमा कराया गया। क्लेम 11 जनवरी 2018 को मिलना था। राशि प्रति खातेदार करीब 1,35,050 रुपए मिलना था।
क्लेम के लिए लगातार चक्कर लगवाए गए और टालमटोल किया गया। चारों मामलों में कुल 8,24,033 रुपए की राशि मानसिक क्षति पूर्ति 95,000 रुपए के साथ मंजूर की। 20 हजार रुपए वाद व्यय मंजूर किया। यदि सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी यह राशि अदा करने से मना करती है तो फिर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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